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धर्मपाल बांसल बोले – ट्रंप की टैरिफ नीति से वैश्विक व्यापार में असंतुलन, भारत को आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग

स्वदेशी आंदोलन को तेज़ कर युवाओं को बनाएं आर्थिक रूप से सशक्त: स्वदेशी जागरण मंच

धर्मपाल बांसल बोले – ट्रंप की टैरिफ नीति से वैश्विक व्यापार में असंतुलन, भारत को आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग

धर्मपाल बांसल बोले – ट्रंप की टैरिफ नीति से वैश्विक व्यापार में असंतुलन, भारत को आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग

स्वदेशी आंदोलन को तेज़ कर युवाओं को बनाएं आर्थिक रूप से सशक्त: स्वदेशी जागरण मंच

फिरोजपुर, 7 अगस्त, 2025: स्वदेशी जागरण मंच फिरोजपुर की ओर से आज एक अहम प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंच के जिला पालक धर्मपाल बांसल ने वैश्विक व्यापार, भारत की आर्थिक स्थिति और स्वदेशी आंदोलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीति और आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर अपनाई गई रणनीति की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि इससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था में गहरा असंतुलन पैदा हुआ है।

धर्मपाल बांसल ने कहा, “ट्रंप की टैरिफ नीति ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ के नाम पर बाकी देशों के घरेलू उद्योगों पर सीधा आघात किया है। इससे भारत जैसे विकासशील देशों को नुकसान उठाना पड़ा। अब समय आ गया है कि हम केवल वैश्विक बाजार के सहारे न रहें, बल्कि स्वदेशी उत्पादन और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाएं।”

उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति आज बेरोजगारी की चुनौती से जूझ रही है। यदि युवाओं को आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ा जाए और उन्हें स्थानीय स्तर पर उद्यमिता, स्टार्टअप, कृषि-आधारित उद्योग, हस्तशिल्प और डिजिटल व्यापार के लिए प्रेरित किया जाए, तो देश की आर्थिक नींव मजबूत की जा सकती है।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि स्वदेशी आंदोलन केवल नारा नहीं, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक स्वाभिमान का प्रतीक है। मंच की योजना है कि आने वाले महीनों में जिले के युवाओं के साथ कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को अपनाने, बनाने और प्रचारित करने की दिशा में प्रशिक्षित किया जाएगा।

धर्मपाल बांसल ने बताया कि अब मंच का उद्देश्य न सिर्फ विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार है, बल्कि युवाओं को स्वदेशी अर्थव्यवस्था का केंद्रबिंदु बनाना है। उन्होंने कहा कि “हर युवा को एक ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में हमें आगे बढ़ना है। सरकार की विभिन्न योजनाएं – स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, वोकल फॉर लोकल – तभी सफल होंगी जब हम मानसिक रूप से स्वदेशी सोच को आत्मसात करें।”

उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि भारत के बाज़ारों में आज भी बड़ी मात्रा में चीनी और अमेरिकी उत्पाद बिक रहे हैं, जिससे न केवल हमारे अपने उद्योग प्रभावित होते हैं, बल्कि विदेशी कंपनियों को मुनाफा मिलता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे हर खरीददारी को एक राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया समझें और देश में निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता दें।

प्रेस वार्ता के अंत में धर्मपाल बांसल ने घोषणा की कि स्वदेशी जागरण मंच फिरोजपुर की ओर से जल्द ही “स्वदेशी युवा समागम” का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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