बीएसएफ ने मनाई डायमंड जुबली—राष्ट्र सेवा के 60 वर्षों के अद्वितीय समर्पण का उत्सव

बीएसएफ ने मनाई डायमंड जुबली—राष्ट्र सेवा के 60 वर्षों के अद्वितीय समर्पण का उत्सव
फिरोजपु, 29-11-2025: सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने राष्ट्र की सुरक्षा हेतु 60 वर्षों की अविरल सेवा, सर्वोच्च बलिदान और अटूट निष्ठा को समर्पित डायमंड जुबली वर्ष बड़े गर्व और सम्मान के साथ मनाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सेक्टर मुख्यालय फिरोजपुर तथा इसके अधीन सभी बटालियनों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
डायमंड जुबली समारोहों के अंतर्गत, देशव्यापी थीम “ए मास कैंपेन ऑफ इंस्टिट्यूशनल आउटरीच” के तहत 17 नवम्बर 2025 से सीमा क्षेत्र के विद्यालयों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का आयोजन सीमा क्षेत्र के अनेक प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों—सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गट्टीराजोके, गुरु अमर दास इंटरनेशनल स्कूल सद्दरदीनवाला (फिरोजपुर–फाजिल्का रोड), सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल वाखा, शहीद भगत सिंह मेमोरियल स्कूल वाखा, सीनियर सेकेंडरी स्कूल जुग्गियां नाथा सिंह मुंठियावाला, सिटी हार्ट स्कूल ममदोट, सरकारी मिडिल स्कूल फहरूवाला, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल चंगा खुर्द, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल डोना मटार, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल हजारा सिंह वाला, सरकारी मिडिल स्मार्ट स्कूल लाखा सिंह वाला, पीएम श्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल मुदकी, पीएम श्री सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल तलवंडी, आदि में आयोजित किए गए।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में बीएसएफ की भूमिका, कर्तव्यों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में उसके अतुलनीय योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
इन जागरूकता सत्रों के दौरान विद्यार्थियों को सीमा प्रबंधन, परिचालनिक सतर्कता तथा राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा में बीएसएफ के जवानों द्वारा दिए जाने वाले अद्वितीय त्याग के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही 1971 और 1999 के भारत–पाक युद्धों तथा ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ की महत्वपूर्ण भूमिका, वीरता और साहसिक योगदान पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।
इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, विद्यालय स्टाफ तथा स्थानीय समुदाय द्वारा उत्साहपूर्ण सहभागिता दर्ज की गई, जिससे भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति के रूप में बीएसएफ की अहम भूमिका के प्रति जन-समझ और अधिक सुदृढ़ हुई।





