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सीमावर्ती गांवों में सोढ़ी परिवार का सेवा अभियान, हीरा सोढ़ी ने 70 से अधिक बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया

“सोढ़ी परिवार बना सहारा, बाढ़ में 70 से अधिक गांवों तक पहुंचाई"

सीमावर्ती गांवों में सोढ़ी परिवार का सेवा अभियान, हीरा सोढ़ी ने 70 से अधिक बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया
“सोढ़ी परिवार बना सहारा, बाढ़ में 70 से अधिक गांवों तक पहुंचाई”
“राणा सोढ़ी और हीरा सोढ़ी का राहत मिशन, प्रभावित गांवों में बांटी सुरक्षा सामग्री और चलाए लंगर”

“फ़िरोज़पुर के बाढ़ग्रस्त गांवों में सेवा कार्यों से चर्चा में आया सोढ़ी परिवार”

सीमावर्ती गांवों में सोढ़ी परिवार का सेवा अभियान, हीरा सोढ़ी ने 70 से अधिक बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया

फ़िरोज़पुर, 30 अगस्त, 2025: फ़िरोज़पुर ज़िले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इस समय भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी की टीम लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई है। जिन गांवों में बाढ़ ने तबाही मचाई है, वहां दिन-रात सोढ़ी परिवार की ओर से प्रभावित लोगों की मदद की जा रही है।
राणा सोढ़ी परिवार द्वारा अब तक करीब 15 लाख की सहायता की जा चुकीं है, जिसमें 6 लाख रुपए कैश बांटने के अलावा लाइफ जैकेट, 4 लाख का सूखा दूध, पशुओं का आचार, डीजल, पानी की बोतले, अंडरग्राउंड पाइप ग्रामीणों को दी जा चुकी है।
पिछले पंद्रह दिनों से राणा सोढ़ी के बेटे अनुजीत सिंह हीरा सोढ़ी स्वयं राहत कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 70 से अधिक गांवों का दौरा किया है, जिनमें गट्टी राजोके, कल्लूवाला, टेढ़ीवाला, हजारे, टल्ली ग्राम, गट्टा बादशाह, किलचे, निहाला किलचा, निहाला लवेरा, बंदाला समेत कई अन्य गांव शामिल हैं। हीरा सोढ़ी रोज़ाना सुबह से देर रात तक प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की सहायता कर रहे हैं और ज़रूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचा रहे हैं।

उनकी ओर से प्रभावित ग्रामीणों को सेफ़्टी जैकेट्स वितरित की गई हैं ताकि पानी में फंसे लोगों की जानें सुरक्षित रह सकें। इसके साथ ही कई गांवों में लंगर सेवा चलाई जा रही है और गुरुद्वारों व सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे लंगरों को वित्तीय सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। सोढ़ी परिवार के सदस्य खुद राहत कार्यों में हाथ बंटा रहे हैं और डूबते घरों को बचाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

गांवों में पहुंचकर हीरा सोढ़ी ने कहा कि फ़िरोज़पुर के लोग उनके परिवार का हिस्सा हैं और वे राजनीति करने नहीं बल्कि सेवा करने के उद्देश्य से यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों के लोग असल में बहादुर सिपाही हैं, जो हर समय किसी न किसी मुश्किल का सामना करते रहते हैं।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यहां की कच्ची ज़मीनों को पक्का करने की मांग राणा सोढ़ी पहले भी कई बार उठा चुके हैं और अब इसे एक बार फिर मजबूती से सरकार के सामने रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों को उनकी ज़मीनों का मालिकाना हक़ दिलाने के लिए लगातार संघर्ष जारी रहेगा।

ग्रामीणों ने भी कहा कि जब प्रशासनिक सहायता सीमित रही, तब सोढ़ी परिवार और स्थानीय नौजवान लगातार गांवों में डटे रहे और हर संभव मदद पहुंचाई। इससे प्रभावित परिवारों में राहत और भरोसे का माहौल बना है।

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