
देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन मे भारत के पर्यटन खजानों की खोज विषय पर गेस्ट लेक्चर आयोजित
भारत के पर्यटन खजानों की खोज विषय पर गेस्ट लेक्चर आयोजित

फिरोजपुर, 30-9-2026: देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन, फिरोजपुर, जो कि सीमावर्ती क्षेत्र का एक उच्च शिक्षण केंद्र है, श्रीमान निर्मल सिंह ढिल्लों जी के आशीर्वाद, प्रधान डॉ. अग्नीज ढिल्लों, सचिव एडवोकेट अजय कुमार बट्टा तथा कॉलेज प्राचार्य डॉ. संगीता के कुशल मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ एक बेहतर जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।
इसी श्रृंखला के तहत कॉलेज के हॉस्पिटैलिटी एवं टूरिज्म मैनेजमेंट विभाग द्वारा विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) के उपलक्ष्य में “भारत के पर्यटन खजानों की खोज” (Exploring India’s Tourism Treasures) विषय पर एक गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया गया। यह व्याख्यान हॉस्पिटैलिटी एवं टूरिज्म मैनेजमेंट विभाग के प्रमुख श्री रणजीत सिंह सेखों द्वारा दिया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि अत्यंत समृद्ध है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं के ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ उन्हें देश की विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में उभर रही नई संभावनाओं को पहचानें और उनका लाभ उठाने के लिए निरंतर प्रयास करें।

इस व्याख्यान का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में भारत की समृद्ध पर्यटन क्षमता, सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य तथा उभरते हुए पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। सत्र के दौरान भारत के विभिन्न पर्यटन केंद्रों, जैसे ऐतिहासिक स्मारकों, आध्यात्मिक एवं धार्मिक स्थलों, पहाड़ी पर्यटन स्थलों (हिल स्टेशनों), वन्यजीव अभयारण्यों, तटीय क्षेत्रों तथा विशिष्ट सांस्कृतिक स्थलों पर प्रकाश डाला गया।
लेक्चर के दौरान श्री सेखों ने भारत के कम चर्चित पर्यटन स्थलों की खोज करने के महत्व को समझाया। उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर पैदा करने तथा देश के आर्थिक विकास में पर्यटन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भारत के विभिन्न क्षेत्रों के उदाहरण देते हुए पर्यटन के विभिन्न स्वरूपों, जैसे विरासत पर्यटन, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन तथा आध्यात्मिक पर्यटन के बारे में भी जानकारी प्रदान की।
इस व्याख्यान में सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन प्रथाओं, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को भारत के पर्यटन खजानों की खोज करने तथा हॉस्पिटैलिटी एवं टूरिज्म इंडस्ट्री में उपलब्ध विभिन्न अवसरों की गहन समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं रोचक रहा, जिसने छात्राओं को भारत की पर्यटन विविधता तथा जिम्मेदार पर्यटन विकास के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में वक्ता का धन्यवाद किया गया, जिन्होंने अपना बहुमूल्य ज्ञान साझा किया और छात्राओं को भारत की विशाल पर्यटन संभावनाओं की खोज करने के लिए प्रेरित किया।




