
महिलाओं की घरेलू हिंसा से जुड़ी शिकायतें सुनीं, तस्करी में महिलाओं की एंट्री गलत: विजया रहाटकर

महिलाओं की घरेलू हिंसा से जुड़ी शिकायतें सुनीं, तस्करी में महिलाओं की एंट्री गलत: विजया रहाटकर
फिरोजपुर, 24 सितंबर, 2026: राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने गुरुवार को फिरोजपुर का दौरा कर महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और शिकायतों के निवारण से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने महिला जन-सुनवाई में महिलाओं की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों के प्रभावी एवं समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए।
महिला जन-सुनवाई के दौरान कुल 20 शिकायतें सुनी गईं। इनमें घरेलू हिंसा सहित महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामले शामिल थे। आयोग की चेयरपर्सन ने महिलाओं को अपनी शिकायतें सीधे आयोग के समक्ष रखने का अवसर दिया तथा कई मामलों के समाधान की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई।
विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं को घरेलू हिंसा और अन्य उत्पीड़न के मामलों में न्याय दिलाना प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई पर जोर दिया।
उन्होंने नशे और इसकी वजह से महिलाओं तथा परिवारों पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने और परिवार एवं समाज के स्तर पर सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का नशे या तस्करी जैसे गैरकानूनी कामों में शामिल होना चिंताजनक है। महिलाओं को ऐसे मामलों से दूर रहना चाहिए और उन्हें आर्थिक तथा सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।

दौरे के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। बैठक में महिला सुरक्षा, लिंग अनुपात, PCPNDT Act के क्रियान्वयन, महिला सुरक्षा अधिकारियों के कामकाज तथा महिलाओं से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। बैठक में Deputy Commissioner Deepashikha Sharma, SSP Bhupinder Singh Sidhu, ADC (Development) Krishna Pal Rajput सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रहाटकर ने स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों से भी बातचीत की और केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत उपलब्ध पूंजी तथा ऋण सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। चर्चा का उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के अवसरों के प्रति जागरूक करना था।




