‘तू है शक्ति’ अभियान 2.0 के तहत दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने किया महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम
‘तू है शक्ति’ अभियान 2.0 के तहत दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने किया महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम
फिरोजपुर, 27 जून, 2026: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के सामाजिक प्रकल्प ‘संतुलन’ के अंतर्गत ‘महिला सशक्तिकरण और लिंग समानता’ विषय पर आधारित ‘तू है शक्ति’ (अभियान 2.0) कार्यक्रम का आयोजन फिरोजपुर कैंट की कच्चा टोटा बस्ती में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य 21वीं सदी की वैदिक नारी के निर्माण और महिलाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता तथा सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना था।
इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक एवं संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी करमाली भारतीय जी ने संबोधित करते हुए कहा कि वैदिक काल से ही भारतीय नारी शक्ति, ज्ञान और संस्कारों की प्रतीक रही है। वर्तमान समय में नारी की इस गौरवशाली छवि को पुनः सशक्त करने के लिए संस्थान द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज समाज में तनाव, अज्ञानता, असंतुलन, अविश्वास और अनैतिकता जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे समय में सकारात्मक परिवर्तन और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए समाज की आधी आबादी यानी नारी शक्ति को आगे आना होगा।
साध्वी जी ने कहा कि आज की नारी को अपने विचारों, निर्णयों और क्षमताओं के विकास के लिए स्वतंत्र होना चाहिए, लेकिन इसके साथ-साथ उसे अपने कर्तव्यों, संस्कारों और नैतिक मूल्यों के प्रति भी सजग रहना आवश्यक है। शिक्षा और अध्यात्म से परिपूर्ण नारी परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि बाहरी ज्ञान विद्यालयों और शिक्षकों से प्राप्त होता है, जबकि आध्यात्मिक ज्ञान पूर्ण सतगुरु के माध्यम से मिलता है, जो मनुष्य को अपने भीतर विद्यमान प्रभु के प्रकाश का अनुभव करवाते हैं। जब संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना से सशक्त नारी समाज को दिशा देगी, तभी एक बेहतर और संतुलित समाज का निर्माण संभव होगा।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मनिर्भरता, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित महिलाओं ने अभियान के उद्देश्यों की सराहना करते हुए सकारात्मक परिवर्तन में सहयोग देने का संकल्प लिया।






