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*रक्षा बंधन के अवसर पर वृक्षों को राखी बांधकर पर्यावरण बचाने का संदेश*

*रक्षा बंधन के अवसर पर वृक्षों को राखी बांधकर पर्यावरण बचाने का संदेश*
फ़िरोज़पुर, 27-8-2026: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के वॉलंटियर्स ने रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार एक अनोखी, प्रेरणा देने वाली और समाजसेवा वाली पहल के साथ मनाया। इस मौके पर वॉलंटियर्स ने पारंपरिक रूप से भाई-बहन के प्यार और सुरक्षा के प्रतीक रक्षा बंधन के त्योहार को पर्यावरण से जोड़ा और अलग-अलग जगहों पर पेड़ों को राखी बांधी और लोगों को प्रकृति बचाने का संदेश दिया।
साध्वी करमाली भारती जी ने कहा कि इस गतिविधि से लोगों को यह समझ आया कि जैसे रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते में प्यार, विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है, वैसे ही पेड़ भी इंसानी जीवन के रक्षक हैं। पेड़ हमें साफ हवा, छाया, फल और कई प्राकृतिक संसाधन देते हैं। इसलिए पेड़ों को बचाना भी हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
इस खास कैंपेन के तहत वॉलंटियर्स ने अलग-अलग जगहों पर पेड़ों को राखी बांधी और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ पेड़ लगाना काफ़ी नहीं है, बल्कि पौधों के पेड़ बनने तक उनकी देखभाल करना भी उतना ही ज़रूरी है। इस मौके पर लोगों को पानी बचाने, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और अपने आस-पास साफ़-सफ़ाई रखने के लिए भी मोटिवेट किया गया। साध्वी जी ने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण, पेड़ों की कमी और प्राकृतिक संसाधनों के बेवजह इस्तेमाल की वजह से पर्यावरण संतुलन को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में हर इंसान को अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए प्रकृति की सेवा के लिए आगे आना चाहिए। पेड़ों की सुरक्षा सिर्फ़ एक इंसान या संस्था की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की साझा ज़िम्मेदारी है।
इस मौके पर संस्थान के संस्थापक और संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या साध्वी देवेंद्र भारती जी ने कहा कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ़ से समय-समय पर समाज को जागरूक करने और लोगों में प्रकृति के प्रति प्यार और ज़िम्मेदारी की भावना जगाने के लिए कई तरह के प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन के पावन मौके पर पेड़ों को राखी बांधने की यह पहल एक सांकेतिक संदेश है कि हमें भी प्रकृति के साथ अपने रिश्ते को प्यार और सुरक्षा के धागे से जोड़ना चाहिए।
साध्वी जी ने कहा कि अगर हम आज पेड़ों की देखभाल करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को साफ़ हवा, हरा-भरा माहौल और प्रकृति का सुंदर रूप मिल पाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हर खास मौके को सिर्फ़ रस्मों तक सीमित न रखें, बल्कि उसे समाज और प्रकृति की भलाई से जोड़ने की कोशिश करें। इस मौके पर साध्वी हरजीत भारती जी ने लोगों को पर्यावरण बचाने के बारे में जागरूक करते हुए यह संदेश दिया कि “पेड़ों से जुड़ें, पेड़ लगाएं और पेड़ बचाएं।” राखी की इस अनोखी पहल की स्थानीय लोगों ने भी तारीफ़ की और कई लोगों ने भविष्य में ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में साध्वी करमाली भारती जी, साध्वी हरजीत भारती जी, साध्वी हरजीत भारती जी, संस्था के सेवक और स्थानीय निवासी मौजूद थे।




