Ferozepur News
सिंथैटिक डोर के दुष्प्रभावो से परिचित करवाने के उद्देश्य से डीसी मॉडल स्कूल द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन

सिंथैटिक डोर के दुष्प्रभावो से परिचित करवाने के उद्देश्य से डीसी मॉडल स्कूल द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन
– विद्यार्थियो ने -चूज इंडियर डोर, से नो टू चाईनीस डोर- के नारे भी लगाए-
फिरोजपुर, 22 जनवरी, 2026
विद्यार्थियो को सिंथैटिक डोर के दुष्प्रभावो से परिचित करवाने के उद्देश्य से डीसी मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियो द्वारा नाटक के माध्यम से आसपास के लोगो को चाईना डोर के प्रभावो के बारे में जानकारी की। विद्यार्थियो द्वारा पेश की गई प्रस्तुति की अभिभावको, वैन चालको सहित स्कूल के आसपास के लोगो ने भी भरजोर प्रशंसा की।
प्रिंसिपल याचना चावला ने बताया कि चाईना डोर एक तरह से डोर ना होकर मौत का खंजर है, जिसका इस्तेमाल पतंग उड़ाने में नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मौत की डोर अनेको लोगो की जिंदगी लील करने के अलावा काफी लोगो को घायल कर चुकी है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के त्यौहार को शांतिपूर्ण मनाने के लिए सभी को चाहिए कि वह भारतीय धागे से बनी डोर का इस्तेमाल करे ताकि त्यौहार की मर्यादा भी बनी रहे और किसी का नुकसान भी ना हो।
विद्यार्थियो द्वारा -चूज इंडियर डोर, से नो टू चाईनीस डोर- के नारे भी लगाए गए। विद्यार्थियो द्वारा सिंथैटिक डोर से इंसानो के अलावा पक्षीयो को होने वाले नुकसान को भी नाटक के माध्यम से दर्शाया।
डिप्टी प्रिंसिपल मनीश बांगा ने कहा कि स्कूल द्वारा समय-समय पर सामाजिक बुराईयो के खिलाफ सार्वजनिक स्थलो पर इस तरह की नाटक पेश किए जाते है ताकि लोगो में जागरूकता फैले और किसी का नुकसान होने से बचाया जा सके।
इस अवसर पर डिप्टी प्रिंसिपल मनीश बांगा, सीनियर जीएम रिटायर्ड कर्नल पियूष बेरी, हैड मिस्ट्रेस ऋतिका सोनी, डीजीएम एडमिन अनु शर्मा, एवीपी एलीमैंट्री प्रीति सेठी, एजीएम इवेंट व एक्टिविटी हीना, एक्टिविटी कोआर्डीनेटर लिशा, ममता शर्मा, आरती सहित अन्य उपस्थित थे।
– विद्यार्थियो ने -चूज इंडियर डोर, से नो टू चाईनीस डोर- के नारे भी लगाए-
फिरोजपुर, 22 जनवरी, 2026
विद्यार्थियो को सिंथैटिक डोर के दुष्प्रभावो से परिचित करवाने के उद्देश्य से डीसी मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियो द्वारा नाटक के माध्यम से आसपास के लोगो को चाईना डोर के प्रभावो के बारे में जानकारी की। विद्यार्थियो द्वारा पेश की गई प्रस्तुति की अभिभावको, वैन चालको सहित स्कूल के आसपास के लोगो ने भी भरजोर प्रशंसा की।
प्रिंसिपल याचना चावला ने बताया कि चाईना डोर एक तरह से डोर ना होकर मौत का खंजर है, जिसका इस्तेमाल पतंग उड़ाने में नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मौत की डोर अनेको लोगो की जिंदगी लील करने के अलावा काफी लोगो को घायल कर चुकी है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के त्यौहार को शांतिपूर्ण मनाने के लिए सभी को चाहिए कि वह भारतीय धागे से बनी डोर का इस्तेमाल करे ताकि त्यौहार की मर्यादा भी बनी रहे और किसी का नुकसान भी ना हो।
विद्यार्थियो द्वारा -चूज इंडियर डोर, से नो टू चाईनीस डोर- के नारे भी लगाए गए। विद्यार्थियो द्वारा सिंथैटिक डोर से इंसानो के अलावा पक्षीयो को होने वाले नुकसान को भी नाटक के माध्यम से दर्शाया।
डिप्टी प्रिंसिपल मनीश बांगा ने कहा कि स्कूल द्वारा समय-समय पर सामाजिक बुराईयो के खिलाफ सार्वजनिक स्थलो पर इस तरह की नाटक पेश किए जाते है ताकि लोगो में जागरूकता फैले और किसी का नुकसान होने से बचाया जा सके।
इस अवसर पर डिप्टी प्रिंसिपल मनीश बांगा, सीनियर जीएम रिटायर्ड कर्नल पियूष बेरी, हैड मिस्ट्रेस ऋतिका सोनी, डीजीएम एडमिन अनु शर्मा, एवीपी एलीमैंट्री प्रीति सेठी, एजीएम इवेंट व एक्टिविटी हीना, एक्टिविटी कोआर्डीनेटर लिशा, ममता शर्मा, आरती सहित अन्य उपस्थित थे।




