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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने  स्थानीय आश्रम में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने  स्थानीय आश्रम में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने  स्थानीय आश्रम में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया
फिरोजपुर, 25-5-2026: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने फिरोजपुर के स्थानीय आश्रम में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया। इस संस्था के संस्थापक व संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी दविंदर भारती जी ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि इंसान का शरीर भगवान का जीता-जागता मंदिर है और इस शरीर रूपी मंदिर में भगवान के दर्शन मुमकिन हैं। लेकिन यह दिव्य अनुभव सिर्फ़ पूर्ण सतगुरु की कृपा और ब्रह्मज्ञान से ही मिल सकता है। धार्मिक ग्रंथों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान का असली दर्शन मनुष्य के भीतर से होता है, न कि सिर्फ़ बाहरी कर्म -ण काण्डो से।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने  स्थानीय आश्रम में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया
उन्होंने कहा कि जब कोई इंसान पूर्ण गुरु से ब्रह्म ज्ञान की दीक्षा लेता है, तो उसके अंदर का अज्ञान और अंधेरा दूर हो जाता है और वह अपने असली आध्यात्मिक स्वरूप को पहचान लेता है। गुरु भक्ति इंसान के जीवन में विनम्रता, सेवा, प्रेम और सहनशीलता जैसे दिव्य गुणों का विकास करती है। आज का इंसान दुनियावी सुखों के पीछे भागते-भागते मन की शांति से दूर हो गया है, लेकिन भगवान का ज्ञान उसे सच्चा सुख और रूहानी खुशी दिलाता है। साध्वी जी ने संगत को प्रेरित करते हुए कहा कि इंसान को अपना कीमती जीवन बेकार में बर्बाद नहीं करना चाहिए, बल्कि गुरु के दिखाए रास्ते पर चलकर अपना जीवन सफल बनाना चाहिए। सिर्फ पूर्ण गुरु की शरण में जाकर ही इंसान भगवान से सच्चा रिश्ता बना सकता है और जन्म-मरण के चक्कर से मुक्ति पा सकता है।
इस मौके पर साध्वी बलजीत भारती जी ने एक भाव विभोर भजन गाकर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों के ज़रिए गुरु की महिमा और भगवान की भक्ति को बहुत खूबसूरती से बताया गया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। आखिर में संगत ने विश्व में शांति, इंसानियत की भलाई और आध्यात्मिक जागरूकता के लिए प्रार्थना की।

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