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डीसीएम ग्रुप के छात्रों ने बनाया इतिहास, छात्रों द्वारा बनाये गए प्रोटोटाइप ने जीता “स्टेम अंगेजमेंट केटेगरी” में विश्व भर में प्रथम स्थान 

डीसीएम ग्रुप के छात्रों ने बनाया इतिहास, छात्रों द्वारा बनाये गए प्रोटोटाइप ने जीता "स्टेम अंगेजमेंट केटेगरी" में विश्व भर में प्रथम स्थान 

डीसीएम ग्रुप के छात्रों ने बनाया इतिहास

छात्रों द्वारा बनाये गए प्रोटोटाइप ने जीता “स्टेम अंगेजमेंट केटेगरी” में विश्व भर में प्रथम स्थान

फिरोजपुर, मई 3, 2022 : डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के विद्यार्थियों ने इतिहास रचते हुए  अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकन  स्पेस एजेंसी नासा द्वारा आयोजित करवाई गई ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज (एचईआरसी) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है जिससे पूरे भारत वर्ष में ही नहीं अपितु विश्व भर में डीसीएम ग्रुप की प्रतिष्ठा और भी बढ़ी है |  डीसीएम समूह द्वारा ये अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगता “स्टेम अंगेजमेंट केटेगरी” के अधीन जीती गई |

जानकारी देते हुए डिप्टी सीईओ डॉ  गोपन गोपालकृष्णन ने बताया के जुलाई 2021 में आरम्भ हुई इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पूरे विश्व भर से 3000  से अधिक  स्कूल्ज ने भाग लिया |जिसमे  विश्व भर से कॉलेज और हाई स्कूल छात्रों के लिए एक कठिन व प्रासंगिक प्रतियोगिता जिसमे प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग  एप्रोच समाहित थी, का आयोजन किया गया | उन्होंने बताया के इस प्रतियोगिता में छात्रों को ऐसे इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में शामिल  किया गया जो नासा के मिशन्स से सम्बन्ध रखते थे |

दास एंड ब्राउन वर्ल्ड स्कूल भारत का एकमात्र स्कूल था जिसे इस चुनौती में भाग लेने के लिए अक्टूबर 2021 में नासा  द्वारा हाई स्कूल श्रेणी में चुना गया था जिसके पश्चात स्कूल टीम को यूएस स्पेस सेंटर, हंट्सविले, अलबामा में एक कार्यक्रम में अपना प्रोटोटाइप पेश करने का निमंत्रण मिला। उन्होंने बताया के डीसीएम प्रेसीडेंसी स्कूल के बच्चों द्वारा  बनाये गए प्रोटोटाइप में  ऐसी तकनीक, डिज़ाइन का निर्माण और परीक्षण किया गया  जो  रोवर्स को विभिन्न वातावरणों में प्रदर्शन करने में सक्षम बनाती हैं।

रमणीता शर्मा, एवीपी साइंस एंड टेक्नॉलजी  ने बताया के कोविड  के लगातार बढ़ते हुए मामलों के कारण नासा द्वारा फरवरी माह की शुरुआत में इस कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके से आयोजित करने का निर्णय लिया गया |  जिसमे डीसीएम प्रेसीडेंसी स्कूल के छात्रों ने “स्टेम अंगेजमेंट केटेगरी” में विश्व भर स्कूल्ज को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया |  पुरस्कार समारोह के दौरान इस बात पर विशेष रूप से  प्रकाश डाला गया कि डीसीएम प्रेसीडेंसी द्वारा  लगभग 3000 छात्रों को स्टेम  (साइंस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग एंड मैथमैटिक्स)  एंगेजमेंट एक्टिविटीज में शामिल किया जाता है | उन्होंने कहा कि  कि  नासा द्वारा स्कूल के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर  के मंच पर ये  बात कहे जाना  एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि स्कूल की टीम द्वारा इस प्रतियोगिता में इंजीनियरिंग डिज़ाइन प्रोसेस, व्हीकल मैकेनिज़्म, 3डी डिजाइनिंग और प्रिंटिंग आदि से संबंधित गतिविधियों का प्रदर्शन किया।

समूह के सीईओ डॉ अनिरुद्ध गुप्ता ने समस्त टीम को बधाई दी।  उन्होंने कहा ग्रुप द्वारा  ने शीर्ष भारतीय और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के सहयोग से कई अन्य कार्यक्रम शुरू किये गए हैं ताकि छात्रों में शोध की मानसिकता पैदा की जा सके। उन्होंने  समूह द्वारा प्रायोजित स्टूडेंट्स  रिसर्च फेलोशिप (जेएसआरएफ) कार्यक्रम के हालिया लॉन्च पर प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से छात्रों को अपने शोध विचारों को प्रोटोटाइप में साकार करने के लिए एक मंच और पर्याप्त धन मिलेगा।

सीईओ अनिरुद्ध गुप्ता द्वारा नासा एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज टीम के मेंबर्स छात्र हरमनदीप सिंह, माणिक भनोट, चैतन्य काले, ख्वाहिश गुप्ता, राहत भाटिया,  दिवांश साहनी, राकेश  कुमार,अश्मीत सिंह, जेनेसा, अबीर उप्पल , कर्ण प्रताप  सिंह,समीर बहल, कुंवरजोत सिंह, मान्या सोनी व स्कूल प्रबंधन को बधाई दी गई |

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