
सेना के त्वरित बचाव अभियानों ने सिधवां नहर में दो लोगों की जान बचाई
सेना के त्वरित बचाव अभियानों ने सिधवां नहर में दो लोगों की जान बचाई
फिरोजपुर/दोराहा, 28 सितंबर 2026: सिधवां नहर में हाल ही में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में 113 इंजीनियर रेजिमेंट, 7 इन्फैंट्री डिवीजन के जवानों ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए दो लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहली घटना में अभय कुमार सिंह अचानक सिधवां नहर में गिर गए। पानी का बहाव तेज होने के कारण स्थिति तेजी से गंभीर हो गई। पास में मौजूद सेना की सेफ्टी बोट टीम ने उन्हें नहर में बहते देखा और तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया। तेज बहाव के बावजूद जवानों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दूसरी घटना 26 सितंबर 2026 को रात करीब 8:30 बजे हुई, जब पवन कुमार नहर के तेज बहाव में बह गए। सेना के जवानों ने उन्हें देखा और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। सेफ्टी बोट टीम ने तेज बहाव के बीच उन्हें सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
दोनों घटनाओं में सेना के जवानों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थिति का तुरंत आकलन कर बिना किसी देरी के कार्रवाई करने की उनकी क्षमता से दो लोगों की जान बचाई जा सकी।
आमतौर पर सेना को देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए देखा जाता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह भी दर्शाती हैं कि जरूरत के समय भारतीय सेना आम नागरिकों की सहायता के लिए भी मजबूती से खड़ी रहती है।
दो लोगों की जान बचाना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। 113 इंजीनियर रेजिमेंट के जवानों द्वारा प्रदर्शित साहस और निस्वार्थ सेवा भावना भारतीय सेना के मानवीय और सेवाभावी पक्ष को उजागर करती है।



