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*देश की युवा पीढ़ी को शहीद भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए*

*देश की युवा पीढ़ी को शहीद भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए*
फिरोजपुर: 28-9-2026: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान फिरोजपुर के स्थानीय आश्रम में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और आध्यात्मिक विचारों से लाभ उठाया।
सत्संग के दौरान श्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या साध्वी बलजीत भारती जी ने भक्तों को संबोधित करते हुए शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साध्वी बलजीत भारती जी ने कहा कि शहीद भगत सिंह जी का जीवन देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने जीवन में देश की आजादी और राष्ट्रहित को महत्व दिया।
आज जरूरत है कि युवा पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने अंदर देश के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और समर्पण की भावना पैदा करे और देश की तरक्की में योगदान दे। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की सिर्फ सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य भी है। जब युवा अपनी एनर्जी सही दिशा में लगाते हैं, तो वे समाज और देश के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आज नशा युवा पीढ़ी के लिए एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन गया है। नशा सिर्फ व्यक्ति के जीवन पर ही असर नहीं डालता, बल्कि परिवार और समाज पर भी बुरा असर डालता है।

साध्वी जी ने कहा कि शहीद भगत सिंह जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए युवाओं को अपने जीवन का मकसद पहचानने की जरूरत है। उन्हें अपनी जवानी की ताकत नशे और दूसरी बुराइयों में बर्बाद करने के बजाय शिक्षा, सेवा, मेहनत, अनुशासन और देश निर्माण में लगानी चाहिए। साध्वी बलजीत भारती जी ने कहा कि इंसान का जन्म लेना अपने आप में महान है, लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि इंसान अपने जीवन का असली मकसद पहचाने। इंसान का जीवन सिर्फ भौतिक सुख पाने के लिए नहीं है, बल्कि अपने अंदर बसे ईश्वर की चेतना को जानने और जगाने के लिए भी है।
उन्होंने कहा कि पूर्ण गुरु की शरण में जाने से इंसान को अपने जीवन का असली मकसद समझने की दिशा मिलती है। सिद्ध संत-महापुरुष धार्मिक ग्रंथों के आधार पर व्यक्ति को आध्यात्मिक ज्ञान की दिशा दिखाते हैं और अपने अंदर ईश्वर को पाने का रास्ता देते हैं। जब व्यक्ति की चेतना जागृत होती है और वह अपने जीवन का उद्देश्य समझता है, तभी वह मानव जीवन -साथ देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। शहीदों के को सफल बनाने की ओर कदम बढ़ाता है।
उन्होंने संगत को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में आध्यात्मिकता के साथबलिदानों को याद करना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सार्थक बनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर साध्वी हरजीत भारती जी द्वारा भजन कीर्तन गाया गया। आश्रम में मौजूद संगत ने भजन कीर्तन और सत्संग चर्चा का आनंद लिया।




