
सरहद पर खड़े भाइयों की कलाई पर सजा बहनों का प्यार, दास एंड ब्राऊन के विद्यार्थियों ने जवानों संग मनाया रक्षाबंधन
राखी बांधते समय भावुक हुए सीमा प्रहरी, विद्यार्थियों ने कहा—आप सीमा पर डटे हैं, तभी हम घरों में सुरक्षित हैं

सरहद पर खड़े भाइयों की कलाई पर सजा बहनों का प्यार, दास एंड ब्राऊन के विद्यार्थियों ने जवानों संग मनाया रक्षाबंधन
राखी बांधते समय भावुक हुए सीमा प्रहरी, विद्यार्थियों ने कहा—आप सीमा पर डटे हैं, तभी हम घरों में सुरक्षित हैं
फिरोजपुर, 28 अगस्त 2026
रक्षाबंधन का त्योहार उस समय और भी भावुक हो गया, जब घर से दूर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों की कलाई पर स्कूली छात्राओं ने राखी बांधी। भाई-बहन के प्रेम और देशभक्ति से भरे इस अनूठे पल में कई जवानों के चेहरों पर भावनाएं साफ नजर आईं। दास एंड ब्राऊन वर्ल्ड स्कूल के विद्यार्थियों ने बीएसएफ की 99 बटालियन और सैन्य जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाकर उन्हें यह एहसास कराया कि सरहद पर खड़े इन रक्षकों को देश कभी नहीं भूलता।

कम्यूनिटी आउटरीच प्रोग्राम के तहत रक्षक एडमिशन एंड अकैडमिक्स फैसिलिटेशन (रफ्फाक) पहल के अंतर्गत विद्यार्थी ममदोट पहुंचे। छात्राओं ने जवानों और अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी लंबी आयु व अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। राखी बांधते हुए छात्राओं ने जवानों से बातचीत की और उनके साथ ऐसे खुशी के पल साझा किए, जो उन्हें अपने घर और परिवार की याद दिला गए।
वहीं स्कूल के कैम्ब्रिज विद्यार्थियों ने भी सैन्य अधिकारियों और जवानों को राखी बांधी। अध्यापकों और विद्यार्थियों ने जवानों के साथ विभिन्न खेल खेले और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। राखी बांधते हुए विद्यार्थियों ने जवानों की लंबी आयु और सुरक्षित जीवन की कामना की।
इस अवसर पर जीएम डा. सैलिन, एजीएम इवेंट गुरिन्द्रजीत कौर, एक्टिविटी कोआर्डीनेटर रूपाली सहित स्कूल के अन्य अधिकारी, अध्यापक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
विद्यार्थियों ने जवानों के लिए देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। इसके अलावा जवानों के साथ विभिन्न खेलों में हिस्सा लेकर माहौल को खुशनुमा बनाया। कुछ समय के लिए सीमा पर ड्यूटी, जिम्मेदारियों और परिवार से दूरी के बीच जवानों के चेहरों पर बच्चों की मासूम मुस्कान और अपनापन नजर आया।
इस भावुक पहल में महिला सीमा प्रहरियों ने भी विद्यार्थियों से राखी बंधवाई। जवानों ने विद्यार्थियों को उपहार देकर उनके स्नेह का जवाब दिया। बीएसएफ के कमांडिंग अधिकारी मुकेश कुमार सहित अधिकारियों रविकांत, विशाल वर्मा और अन्य अधिकारियों ने स्कूल के इस प्रयास की सराहना की।
स्कूल की प्रिंसिपल रूचि पांडे ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि उन रिश्तों को सम्मान देने का अवसर भी है जो समाज और देश को सुरक्षित रखने के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का जवानों के साथ यह जुड़ाव उन्हें देशभक्ति, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी का वास्तविक अर्थ समझाता है।
कार्यक्रम के दौरान जवानों और विद्यार्थियों के बीच बातचीत का माहौल बेहद भावुक रहा। कई जवानों ने बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने भी जवानों से उनके परिवार, ड्यूटी और सीमा पर जीवन के बारे में बातचीत की। कुछ देर के लिए ममदोट में सरहद की कठोर ड्यूटी के बीच परिवार जैसा अपनापन देखने को मिला।




