शिक्षा में साहसिक सुधार और नई दिशा के लिए डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता को मिला प्रतिष्ठित अशोक गुप्ता राइज एंड रिफॉर्म ऑनर
-जयपुर में आयोजित एबल समिट-2026 में स्कून्यूज ने किया सम्मानित, 1946 से चली आ रही डीसीएम की विरासत को नई सोच और एंटरप्रिन्योरशिप से आगे बढ़ाने के लिए मिली बड़ी पहचान-
शिक्षा में साहसिक सुधार और नई दिशा के लिए डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता को मिला प्रतिष्ठित अशोक गुप्ता राइज एंड रिफॉर्म ऑनर
-जयपुर में आयोजित एबल समिट-2026 में स्कून्यूज ने किया सम्मानित, 1946 से चली आ रही डीसीएम की विरासत को नई सोच और एंटरप्रिन्योरशिप से आगे बढ़ाने के लिए मिली बड़ी पहचान-

फिरोजपुर, 9 अगस्त 2026: शिक्षा के क्षेत्र में एंटरप्रिन्योरशिप, स्टार्टअप, युवा सशक्तीकरण और स्कूली शिक्षा में सार्थक सुधारों को नई दिशा देने के लिए डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता को ‘अशोक गुप्ता राइज एंड रिफॉर्म ऑनर’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें जयपुर स्थित क्लार्क्स आमेर में आयोजित एबल समिट-2026 के दौरान स्कून्यूज की ओर से प्रदान किया गया। यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में साहसिक सुधार और शैक्षिक कार्य के लिए उनके निरंतर प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।
डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता ने यह सम्मान स्वीकार करते हुए इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स की उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सफलता किसी एक व्यक्ति के प्रयासों से संभव नहीं होती। शिक्षकों, स्कूल प्रमुखों, कर्मियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सामूहिक मेहनत ही किसी संस्था को मजबूत बनाती है।
सम्मान समारोह में डॉ. गुप्ता के कार्यों की प्रशंसा करते हुए बताया गया कि उन्होंने शिक्षा को केवल कक्षा, परीक्षा और परिणाम तक सीमित रखने के बजाय इसे जीवन निर्माण, नेतृत्व क्षमता, एंटरप्रिन्योर, स्टार्टअप और सामाजिक जिम्मेदारी से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स वर्ष 1946 से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाते हुए डॉ. गुप्ता ने परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित करने पर विशेष जोर दिया है। उनके नेतृत्व में डीसीएम ने अनुभव आधारित शिक्षा, स्टार्टअप और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
डॉ. गुप्ता के नेतृत्व की एक प्रमुख उपलब्धि देश का पहला एंटरप्रिन्योर स्कूल डीसीएम यंग एंटरप्रेन्योर्स स्कूल की स्थापना भी है। वर्ष 2019 में शुरू किए गए इस प्रयास को भारत में विद्यालय स्तर पर उद्यमिता शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान खोजने वाला, नए विचार विकसित करने वाला और भविष्य का उद्यमी बनने के लिए तैयार करना है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता ने शिक्षा को लेकर डीसीएम की मूल सोच को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो बच्चों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करे, उनमें संवेदनशीलता पैदा करे और उन्हें जिम्मेदार नागरिक एवं साहसी नेतृत्वकर्ता बनने के लिए प्रेरित करे
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर अलग प्रतिभा और क्षमता होती है। शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि उस प्रतिभा को पहचानने, उसे विकसित करने और विद्यार्थी को अपनी पूरी क्षमता हासिल करने का अवसर दिया जाए। इसी सोच के साथ डीसीएम में विद्यार्थियों के लिए अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ एंटरप्रिन्योरशिप, टैक्नोलाजी, क्रिएटिविटी, लीडरशिप, खेल और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
अनिरुद्ध गुप्ता देश-विदेश में शिक्षा, उद्यमिता और उभरती तकनीकों जैसे विषयों पर अपने विचार साझा कर चुके हैं। विभिन्न देशों में आयोजित कार्यक्रमों में उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा में बदलाव, उद्यमिता और नई तकनीकों की भूमिका पर संवाद किया है।
शिक्षा नीति और संस्थागत विकास से जुड़े विभिन्न मंचों पर भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वह पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री और नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस जैसे मंचों से जुड़े नेतृत्व दायित्वों के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यापक विषयों पर योगदान दे रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों मेें नए आयाम स्थापित करने वाले डा. अनिरूद्ध गुप्ता को विभिन्न मंचो से अब तक एक शतक से ज्यादा खिताब हासिल करने का रिकार्ड बना चुके है। डा. अनिरूद्ध गुप्ता को सात बार एडूप्रन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड, एडु लीडर ऑफ द ईयर के अलावा टाईम्स पॉवर आईकन अवार्ड 2021 तथा देश की प्रमुख शिक्षा जगत की 21 हस्तियो में शामिल किया जा चुका है। डा. गुप्ता को इससे पहले समूह एशिया में आयोजित सबसे बड़ी एजुकेशनल सम्मिट बैट एशिया द्वारा डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ अनिरूद्ध गुप्ता का बैट एशिया लीडरशिप अवार्ड 2021 के लिए चयन हुआ था। डा. अनिरूद्ध गुप्ता को मुम्बई के राजभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस द्वारा भव्य समारोह में -द प्राईड ऑफ इंडियन एजुकेशन अवार्ड- से नवाजा जा चुका है
2023 में इंडो-लंका सम्मिट में डा. अनिरूद्ध गुप्ता को कोलम्बो में श्रीलंका के प्रधानमंत्री डा. दिनेश गुणावर्र्धने द्वारा विशेष रूप से अंर्तराष्ट्रीय शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया था। 2022 में मॉरिशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन द्वारा भी उनका सम्मान किया जा चुका है। उससे पहले भारत के दिवंगत राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी द्वारा गुप्ता की शिक्षा सम्बंधी सेवाओ को देखते हुए सम्मानित कर चुके है। डा. अनिरूद्ध गुप्ता ने दुबई के वल्र्ड ट्रेड सैंटर में हिस्सा लेने के अलावा इजरायल का भी दौरा कर चुके है। डा. अनिरूद्ध गुप्ता द्वारा सीमावर्ती जिले की भलाई के लिए किए जा रहे कार्यो के चलते लोग उन्हें अब फिरोजपुर के लिए वरदान कहने लगे है। उनके द्वारा जिले में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 3500 परिवारो को रोजगार के साधन मुहैया करवाए जा रहे है। जिले की आर्थिकता के विकास में भी डा. अनिरूद्ध गुप्ता का अहम योगदान है।
डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता की कार्यशैली केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। सामाजिक सेवा, पर्यटन, पत्रकारिता, खेल जैसे क्षेत्रों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।





