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उत्तर रेलवे, फिरोजपुर मंडल की उल्लेखनीय उपलब्धियां (वर्ष 2025–26)

उत्तर रेलवे, फिरोजपुर मंडल की उल्लेखनीय उपलब्धियां (वर्ष 2025–26)

उत्तर रेलवे, फिरोजपुर मंडल की उल्लेखनीय उपलब्धियां (वर्ष 2025–26)

 

फिरोजपुर, 6-4-2026: मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की और विभिन्न मोर्चों पर फिरोजपुर रेल मंडल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा,, उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने वर्ष 2025–26 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इंजीनियरिंग विभाग ने 76.77 किलोमीटर ट्रैक का नवीनीकरण कर रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और समयबद्ध बनाया। अमृतसर-खेमकरण और जालंधर-होशियारपुर सेक्शन में 116.2 रूट किलोमीटर पर अधिकतम गति 110 किमी/घंटा तक बढ़ाई गई, जबकि लुधियाना-जालंधर-पठानकोट सेक्शन में 85.2 किलोमीटर क्षेत्र में सुरक्षा फेंसिंग स्थापित की गई। मुक्तसर और कोटकपूरा में नए फुट ओवर ब्रिज चालू किए गए तथा 87 स्टेशनों पर पैसेंजर लूप लाइनों का उन्नयन किया गया।

संरक्षा विभाग ने “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत 69 सेफ्टी सेमिनार आयोजित किए और लोको पायलटों के लिए 47 काउंसलिंग सत्रों के माध्यम से SPAD घटनाओं को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया। आपदा प्रबंधन के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ संयुक्त मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई। चिकित्सा विभाग ने मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, आर्थोस्कोपी सर्जरी तथा आधुनिक जांच सुविधाएं शुरू कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया, जहां 1.76 लाख से अधिक ओपीडी मरीजों का इलाज किया गया।

वाणिज्य विभाग ने 3382.65 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया और 4.85 करोड़ यात्रियों की बुकिंग दर्ज की। साथ ही नई ट्रेनों की शुरुआत कर कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया। कार्मिक विभाग ने 3,854 कर्मचारियों को पदोन्नति दी और नई भर्तियां भी कीं। परिचालन विभाग ने माल ढुलाई और ट्रेन गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, जबकि सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और डिजिटल सिस्टम लागू कर संचालन को अधिक सुरक्षित बनाया।

चिकित्सा एवं वाणिज्य विभाग की प्रमुख उपलब्धियां (2025–26)

उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल के चिकित्सा विभाग ने वर्ष 2025–26 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार किए। मंडल चिकित्सालय में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर शुरू होने से संक्रमण नियंत्रण बेहतर हुआ है और सर्जरी की गुणवत्ता व सुरक्षा में वृद्धि हुई है। साथ ही आर्थोस्कोपी सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधा शुरू की गई, जिससे मरीजों को कम दर्द के साथ शीघ्र रिकवरी मिल रही है। अब चिकित्सालय में USG, ब्रोंकोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी और एंडोस्कोपी जैसी जांचें भी इन-हाउस उपलब्ध हैं। इस अवधि में कुल 1,76,536 ओपीडी और 2,466 इंडोर मरीजों का इलाज किया गया। इसके अलावा 408 स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर 4,534 लोगों की जांच की गई। आयुष्मान योजना के तहत 49 मरीजों और 38 निजी मरीजों का उपचार कर ₹9,95,081 का राजस्व अर्जित किया गया। कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए 430 कर्मचारियों को सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया तथा अब तक 352 सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं।

वहीं वाणिज्य विभाग ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए वित्तीय वर्ष में ₹3382.65 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और कुल 4.85 करोड़ यात्रियों की बुकिंग हुई, जो लक्ष्य 4.10 करोड़ से 18.22% अधिक है। इसके अतिरिक्त टिकट जांच से ₹31.51 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य ₹30.66 करोड़ से 2.77% ज्यादा है।

नई ट्रेनें, पहल और कार्मिक विभाग की उपलब्धियां (2025–26)

उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल में वर्ष 2025–26 के दौरान नई ट्रेनों के संचालन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इस अवधि में गाड़ी संख्या 14622 (फिरोजपुर कैंट–हजूर साहिब नांदेड़) 13 जून 2025 से, गाड़ी संख्या 14626 (फिरोजपुर कैंट–हरिद्वार) 18 जून 2025 से, वंदे भारत 26406/05 (श्री माता वैष्णो देवी कटरा–अमृतसर) 11 अगस्त 2025 से, अमृत भारत 14628 (छेहरटा–सहरसा) 22 सितंबर 2025 से तथा वंदे भारत 26462/61 (फिरोजपुर कैंट–दिल्ली) 8 नवंबर 2025 से शुरू की गईं, जिससे यात्रियों को बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिली।

इसके साथ ही मंडल में कई नई पहल भी की गईं। नसराला रेलवे स्टेशन पर गुड्स शेड का विकास कर ऑटोमोबाइल हैंडलिंग टर्मिनल स्थापित किया गया। लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए सुचीपिंड स्थित बीपीसीएल के जीसीटी को चालू किया गया तथा नूरमहल रेलवे स्टेशन पर नए गुड्स शेड का निर्माण कार्य पूरा किया गया। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्टेशनों पर ऐप आधारित टैक्सी पार्किंग, कैटरिंग स्टॉल, मल्टी पर्पज स्टॉल, फूड वैन, एसी वेटिंग हॉल, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, डिजिटल लॉकर और पार्सल स्कैनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

कार्मिक विभाग ने भी उल्लेखनीय कार्य करते हुए वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान 3,854 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया। रेलवे सैलरी पैकेज (RSP) के तहत एक कर्मचारी के परिवार को ₹1 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा रेलवे भर्ती बोर्ड/रेलवे भर्ती सेल के माध्यम से 132 नई नियुक्तियां की गईं, जबकि अनुकंपा के आधार पर 34 कर्मचारियों को नौकरी प्रदान की गई।

परिचालन, सिग्नलिंग, यांत्रिक एवं इलेक्ट्रिक विभाग की उपलब्धियां; USBRL परियोजना का ऐतिहासिक उद्घाटन

उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल के परिचालन विभाग ने वर्ष 2025–26 में माल ढुलाई और संचालन क्षमता में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। एफसीआई की पहली खाद्यान्न विशेष ट्रेन अजितवाल स्टेशन से अनंतनाग (कश्मीर) के लिए रवाना की गई, जबकि कॉनकोर के फिल्लौर टर्मिनल से पहली बार चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद के लिए बासमती चावल कंटेनरों में भेजा गया, जिसमें अब तक चार रेक लोड किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 354 NMG रेकों में ट्रैक्टरों की लोडिंग की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 36.15% अधिक है। आलू, कागज और भूसी जैसी वस्तुओं की लोडिंग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, वहीं मालगाड़ियों की औसत गति में 21% की बढ़ोतरी हुई और मोगा से 10 इंडेंटेड पार्सल ट्रेनों का सफल संचालन किया गया।

सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने सिग्नलिंग प्रणाली के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया। वेरका स्टेशन पर मैकेनिकल इंटरलॉकिंग के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लागू की गई, जबकि जंडियाला, सुरानस्सी, गोराया, हमीरा और टांगरा स्टेशनों पर डिजिटल केंद्रीकृत सिग्नलिंग प्रणाली शुरू की गई, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित और कुशल हुआ। लेवल क्रॉसिंग सुरक्षा के तहत 5 गेटों को इंटरलॉक किया गया और 13 स्थानों पर इलेक्ट्रिकल लिफ्टिंग बैरियर लगाए गए। यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए 73 स्टेशनों पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम स्थापित किया गया तथा कई स्टेशनों पर नए कोच और ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड लगाए गए, जिससे यात्रियों को सटीक जानकारी मिल रही है।

यांत्रिक विभाग ने सभी एलएचबी कोचों में एसी शौचालयों में स्मोक डिटेक्टर और VESDA सिस्टम स्थापित किए हैं। साथ ही फिरोजपुर कैंट स्टेशन के यार्ड में कोच वॉशिंग प्लांट लगाया गया, जिससे कोचों की सफाई और यात्रियों की सुविधा में सुधार हुआ है। इलेक्ट्रिक विभाग ने पाजियां, बाहमनी वाला और रोमाना अलबेल सिंह में नए ट्रैक्शन पावर सब-स्टेशन शुरू कर बढ़ती इलेक्ट्रिक ट्रेनों को सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है। लोको पायलटों के कौशल विकास के लिए आईटी आधारित आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली भी शुरू की गई है।

इस दौरान उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का उद्घाटन एक ऐतिहासिक उपलब्धि रहा, जिसे 6 जून 2025 को नरेंद्र मोदी ने चेनाब और अंजी खड्ड पुल सहित राष्ट्र को समर्पित किया तथा वंदे भारत एक्सप्रेस (कटरा–श्रीनगर) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

ऑपरेशन सिंदूर: फिरोजपुर मंडल की तत्परता और उत्कृष्ट प्रदर्शन

उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान आपात परिस्थितियों में अपनी उच्च स्तर की कार्यक्षमता और समर्पण का परिचय दिया। सेना की सहायता के लिए एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ARF) को बेहद कम समय में तैयार कर रवाना किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने ट्रेन संचालन को सुचारु बनाए रखने में सराहनीय योगदान दिया, जिससे न केवल कार्यकुशलता बढ़ी बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी ऊंचा हुआ।

इसके अलावा, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय भी मंडल की सतर्कता और मेहनत के चलते रेल सेवाओं और कनेक्टिविटी पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा, जो उनकी प्रभावी आपदा प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है।

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