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पूर्ण गुरु की शरण ही इंसान को भव सागर से पार लगाती है — साध्वी हरजीत भारती जी

पूर्ण गुरु की शरण ही इंसान को भव सागर से पार लगाती है — साध्वी हरजीत भारती जी
फिरोजपुर, 14-7-2026: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान फिरोजपुर के स्थानीय आश्रम में साप्ताहिक सत्संग प्रोग्राम भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया गया। प्रोग्राम में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और गुरु की महिमा को सुना और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

संस्थान के संस्थापक और संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या साध्वी हरजीत भारती जी ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि इंसान का जीवन भगवान का दिया एक अनमोल तोहफा है, लेकिन इसका असली मकसद तभी पूरा होता है जब इंसान पूर्ण सतगुरु की शरण में जाकर ब्रह्म ज्ञान प्राप्त करता है। ब्रह्म ज्ञान से इंसान अपने अंदर बैठे भगवान को पहचान पाता है और उसका जीवन सच्ची शांति, प्रेम और आनंद से भर जाता है।
साध्वी जी ने कहा कि दुनिया की माया, दुख और बुराइयों से मुक्ति केवल पूर्ण गुरु की कृपा से ही संभव है। गुरु वह दिव्य शक्ति है जो अज्ञानता के अंधेरे को दूर करके ज्ञान का प्रकाश फैलाती है और आत्मा को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त करके भव सागर से पार ले जाती है। उन्होंने संगत को जीवन में सत्संग, सेवा, सिमरन और साधना अपनाकर गुरु के दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया, ताकि जीवन सफल और खुशहाल बन सके।
उन्होंने आगे कहा कि आज के भौतिकवादी युग में इंसान बाहरी सुखों की तलाश में भटक रहा है, जबकि असली खुशी और स्थायी आनंद अपने अंदर बैठे भगवान से जुड़ने में है। यह दिव्य अनुभूति केवल पूर्ण सतगुरु की कृपा और ब्रह्म ज्ञान से ही संभव है। इसलिए हर इंसान को अपने जीवन में पूर्ण गुरु की शरण लेनी चाहिए और भगवान से जुड़ना चाहिए।
इस अवसर पर साध्वी देविंदर भारती जी द्वारा एक भावपूर्ण भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरी संगत को भक्ति के रंग से भर दिया। संगत ने भक्ति और प्रेम के साथ गुरु का गुणगान किया और आध्यात्मिक माहौल का पूरा आनंद लिया। आखिर में, पूरी संगत ने लोगों की भलाई, दुनिया में शांति और पूरी इंसानियत की भलाई के लिए प्रार्थना की और गुरु के चरणों में अपनी श्रद्धा ज़ाहिर की।





