राणा सोढ़ी ने उठाए गंभीर सवाल: चंडीगढ़ ब्लास्ट और पंजाब की कानून व्यवस्था पर कई प्रश्नचिह्न
राणा सोढ़ी ने उठाए गंभीर सवाल: चंडीगढ़ ब्लास्ट और पंजाब की कानून व्यवस्था पर कई प्रश्नचिह्न

फिरोज़पुर, अप्रैल 2, 2026: चंडीगढ़ स्थित भाजपा के प्रांतीय कार्यालय के नजदीक हाल ही में हुई ब्लास्ट की घटना ने पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं, जो न केवल प्रशासन बल्कि राज्य की सत्ताधारी सरकार की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाते हैं।
सोढ़ी ने यह मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि इस घटना के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
डॉ. सोढ़ी ने सबसे पहले यह सवाल उठाया कि आखिर एक राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय के बाहर इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हो गई? उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में सरकार क्या कदम उठा रही है? क्या सरकार के पास कोई ठोस योजना है जिससे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके? उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर क्यों आए दिन थानों और सार्वजनिक स्थानों पर ब्लास्ट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं और दोषी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं?
सोढ़ी ने इस बात पर भी चिंता जताई कि चुनावों से ठीक पहले इस तरह की घटनाएं होना क्या किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा नहीं करता? क्या यह राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिश है? यदि हां, तो सरकार इस दिशा में क्या कार्रवाई कर रही है? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या विपक्षी दल इस मुद्दे पर चुप रहकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं?
उन्होंने मोगा में हुई गृह मंत्री अमित शाह की रैली का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से विरोधी दलों में बेचैनी साफ नजर आ रही है। ऐसे में क्या यह घटना राजनीतिक द्वेष का परिणाम हो सकती है? क्या भाजपा को टारगेट किया जा रहा है? इन सवालों का जवाब जनता जानना चाहती है।
राणा सोढ़ी ने ग्वाल मंडी में होली की रात नाबालिग को गोली लगने की घटना का भी उल्लेख किया और पूछा कि आखिर पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ने में क्यों विफल रही है? क्या यह पुलिस की कार्यक्षमता पर प्रश्न नहीं उठाता? उन्होंने कहा कि यदि आम नागरिक सुरक्षित नहीं है, तो सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं?
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने देश के गृह मंत्री से मुलाकात कर सीमावर्ती जिलों की समस्याओं को उठाया था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है? क्या राज्य सरकार केंद्र से मिले निर्देशों और सहयोग का सही तरीके से उपयोग कर रही है?
यह घटना केवल एक ब्लास्ट नहीं, बल्कि कई अनुत्तरित प्रश्नों का प्रतीक बन गई है, जिनका जवाब मिलना बेहद जरूरी है ताकि प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल किया जा सके।





