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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने भारतीय नववर्ष और पवित्र नवरात्रि के मौके पर शिव मंदिर में एक खास आध्यात्मिक भजन कीर्तन और सत्संग प्रोग्राम का आयोजन किया

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने भारतीय नववर्ष और पवित्र नवरात्रि के मौके पर शिव मंदिर में एक खास आध्यात्मिक भजन कीर्तन और सत्संग प्रोग्राम का आयोजन किया
फिरोजपु, 20-3-2026: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान फिरोजपुर ने भारतीय नववर्ष और पवित्र नवरात्रि के मौके पर शिव मंदिर फिरोजपुर छावनी में एक खास आध्यात्मिक भजन कीर्तन और सत्संग प्रोग्राम का आयोजन किया। इस पवित्र मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय संगत ने शामिल होकर आध्यात्मिक रस का आनंद लिया।
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या साध्वी विष्णु अर्चना भारती जी ने अपने प्रवचनों के जरिए भारतीय संस्कृति की महानता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष का इतिहास बहुत पुराना है, जिसका संबंध विक्रमी संवत से है। यह नववर्ष प्रकृति के एक नए चक्र की शुरुआत का प्रतीक है, जहां ऋतुएं बदलती हैं और जीवन में नई ताजगी और ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन को हमारे ऋषियों और मुनियों ने आध्यात्मिक जागरूकता और धार्मिक जीवन की शुरुआत के रूप में मनाया है।

साध्वी जी ने नवरात्रि के पीछे के आध्यात्मिक रहस्य को भी समझाते हुए कहा कि ये नौ दिन सिर्फ मां की बाहरी पूजा के लिए नहीं हैं, बल्कि हमारे अंदर की आसुरी प्रवृत्तियों को खत्म करने के लिए हैं। नवरात्रि हमें मन की बुराइयों – जैसे काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार – पर काबू पाकर अपनी अंदर की शक्ति को जगाना और जीत हासिल करना सिखाती है। यह ध्यान, चिंतन और आत्म-चिंतन का समय है, जिससे इंसान आध्यात्मिक रूप से ऊपर उठ सकता है।
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि आज के समय में भारतीय संस्कृति को सही ढंग से समझने और उसे जीवन में अपनाने के लिए एक पूर्ण गुरु की शरण में आना बहुत ज़रूरी है। केवल एक पूर्ण गुरु की कृपा से ही सच्चा आध्यात्मिक ज्ञान मिल सकता है, जो इंसान को अंधेरे से रोशनी की ओर ले जाता है और जीवन का असली मकसद समझाता है।
कार्यक्रम के आखिर में साध्वी बलजीत भारती जी और साध्वी जसपाल भारती जी ने भावपूर्ण भजन और कीर्तन गाकर पूरी संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों की मधुर धुनों ने पूरे माहौल को भक्ति से भर दिया और संगत भाव से भर गई। इस मौके पर सभी भक्तों को भारतीय नववर्ष और नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और सभी को अपने जीवन में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया।





