बी एस एफ ने सीमा की बाड और सतलुज की बाढ़, दोनों को एक साथ संभाला

बी एस एफ ने सीमा की बाड और सतलुज की बाढ़, दोनों को एक साथ संभाला
फिरोज़पुर, 29 अगस्त 2025: सीमा क्षेत्र में सतलुज नदी में आई बाढ़ और सीमा की बाड़ के जलमग्न हो जाने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए सीमा पर सतर्क निगरानी बनाए रखी है।
बाढ़ के पानी से सीमावर्ती इलाके जलमग्न होने के बावजूद बीएसएफ के जवान दिन-रात सीमा पर अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। जलमग्न क्षेत्रों में बोट नाका लगाकर गश्त की जा रही है तथा अत्याधुनिक निगरानी उपकरणों की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जा रही है। बीएसएफ की इंटेलिजेंस शाखा भी सक्रिय रहकर ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी पहुँच बनाए हुए है, जहाँ बाढ़ की आड़ में अवैध गतिविधियों की आशंका अधिक होती है।
इन्हीं परिस्थितियों में बीएसएफ जवानों ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए 02 ड्रोन तथा लगभग 06 किलोग्राम हेरोइन जब्त कर तस्करों की कोशिश को नाकाम कर दिया।
बाढ़ से उत्पन्न विषम हालातों में सीमा सुरक्षा के साथ-साथ बीएसएफ ने मानवीय दायित्व निभाते हुए जिलास्तर पर राहत और बचाव कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई रही है। बीएसएफ की वॉटर विंग, अधिकारी एवं जवान मिलकर जिलाप्रशासन के साथ तालमेल में सीमावर्ती गाँवों – कालूवाला, न्यू गट्टी राजोके, धीरा घारा और निहाले लावेड़ा जैसे गंभीर रूप से प्रभावित गाँवों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, जिन गाँवों से मवेशियों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका, वहाँ भी बीएसएफ अपनी नावों की मदद से पशुओं हेतु चारा पहुँचा रही है।
सीमा सुरक्षा बल का यह प्रयास न केवल सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि सीमावर्ती ग्रामीणों को आपदा की घड़ी में संबल प्रदान करता है।





