डायरिया से बचाव के लिए सीएचसी ममदोट में जागरूकता कैंप का आयोजन
डायरिया से बचाव के लिए सीएचसी ममदोट में जागरूकता कैंप का आयोजन
फिरोजपुर, 11 अगस्त 2025: पंजाब में डायरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर जनजागरूकता अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में सरकारी अस्पताल सीएचसी ममदोट में डायरिया से बचाव के लिए एक जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। कैंप में बच्चों और उनके माता-पिता को डायरिया से बचने के उपाय बताए गए तथा इसके इलाज के प्रति भी जागरूक किया गया।
सीएचसी ममदोट की मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रीति गर्ग ने बताया कि सिविल सर्जन फिरोजपुर के मार्गदर्शन और सीनियर मेडिकल ऑफिसर ममदोट के निर्देशों पर लगातार डायरिया जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में डायरिया के मामलों में वृद्धि सामान्य है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है।
डॉ. गर्ग ने बताया कि डायरिया, जिसे दस्त भी कहा जाता है, में मल पतला या पानी जैसा हो जाता है और बार-बार शौच की आवश्यकता होती है। इसके कारणों में बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी संक्रमण, दूषित भोजन या पानी, दवाओं के दुष्प्रभाव, या पाचन तंत्र की कमजोरी शामिल हो सकती है। लक्षणों में पेट दर्द, मरोड़, उल्टी, बुखार और पानी जैसा मल शामिल हैं।
उन्होंने सलाह दी कि डायरिया के दौरान शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ जैसे पानी, जूस या ओआरएस पिएं और हल्का, कम फाइबर व कम मसाले वाला भोजन जैसे केला, चावल और दही लें। यदि दस्त गंभीर हो या 2-3 दिनों से अधिक समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।






