
अनिल बागी अस्पताल में पहली बार ब्रेस्ट-कंजर्विंग कैंसर सर्जरी सफल
अनिल बागी अस्पताल में पहली बार ब्रेस्ट-कंजर्विंग कैंसर सर्जरी सफल
हरीश मोंगा
फिरोजपुर: 25-9-2026: अनिल बागी अस्पताल, फिरोजपुर ने अपनी ऑन्कोलॉजी टीम की देखरेख में पहली बार ब्रेस्ट-कंजर्विंग कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त ट्यूमर को हटाते हुए चिकित्सकीय रूप से संभव सीमा तक ब्रेस्ट को सुरक्षित रखा जाता है। अस्पताल के अनुसार, यह उपलब्धि फिरोजपुर और आसपास के क्षेत्रों में कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अस्पताल के अनुसार, मरीज के दाहिने ब्रेस्ट में गांठ थी। विस्तृत क्लिनिकल जांच, इमेजिंग और बायोप्सी के बाद ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हुई। मरीज की इच्छा ब्रेस्ट को सुरक्षित रखने की थी। इसे ध्यान में रखते हुए ऑन्कोलॉजी टीम ने नियोएडजुवेंट कीमोथेरेपी शुरू की, जिसका उद्देश्य ट्यूमर का आकार और बोझ कम कर ब्रेस्ट-कंजर्विंग सर्जरी को संभव बनाना था।
मरीज ने उपचार के प्रति अच्छा रिस्पॉन्स दिया। दोबारा जांच के बाद उनकी ब्रेस्ट-कंजर्विंग सर्जरी के साथ एक्सिलरी क्लीयरेंस यानी कांख के लिम्फ नोड्स को हटाने की प्रक्रिया की गई। अस्पताल के मुताबिक मरीज की हालत स्थिर है, वह अच्छी तरह स्वस्थ हो रही हैं और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की उम्मीद है।
अस्पताल ने बताया कि यह अनिल बागी अस्पताल की ऑन्कोलॉजी टीम द्वारा की गई पहली ब्रेस्ट-कंजर्विंग कैंसर सर्जरी है। अस्पताल में डायग्नोस्टिक, मेडिकल और सर्जिकल सेवाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्र के मरीजों को व्यापक और मल्टीडिसिप्लिनरी कैंसर देखभाल मिल सके।
अस्पताल के अनुसार, ब्रेस्ट-कंजर्विंग सर्जरी कुछ चयनित ब्रेस्ट कैंसर मरीजों के लिए उपचार का स्थापित विकल्प है। इसमें कैंसर वाले ट्यूमर को हटाते हुए ब्रेस्ट के स्वस्थ हिस्से को यथासंभव सुरक्षित रखा जाता है। हालांकि, यह प्रक्रिया मरीज की बीमारी की स्थिति और मल्टीडिसिप्लिनरी मेडिकल टीम के मूल्यांकन पर निर्भर करती है।
अस्पताल ने कहा कि उसकी ऑन्कोलॉजी सेवाओं के विस्तार का उद्देश्य फिरोजपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उनके घर के नजदीक विशेषज्ञ कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूर के चिकित्सा केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम हो।





