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80 वर्षों की गौरवशाली यात्रा: डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने मनाया वैलिडिक्टरी सेलिब्रेशन

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने मुख्यातिथि के तौर पर की शिरकत, एम.आर. दास मेमोरियल का हुआ शुभारंभ, तीन

80 वर्षों की गौरवशाली यात्रा: डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने मनाया वैलिडिक्टरी सेलिब्रेशन
80 वर्षों की गौरवशाली यात्रा: डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने मनाया वैलिडिक्टरी सेलिब्रेशन
-कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने मुख्यातिथि के तौर पर की शिरकत, एम.आर. दास मेमोरियल का हुआ शुभारंभ, तीन पीढय़िों के स्टार एलुमनाई हुए सम्मानित-
-1946 में बोया गया शिक्षा का बीज आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है: डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता-
फिरोजपुर, 4 जुलाई, 2026
             शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में आठ दशकों से अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने अपने 80 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वैलिडिक्टरी सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया। दास एंड ब्राउन वल्र्ड स्कूल के राय बहादुर विष्णु भगवान ऑडिटोरियम में अयोजित भव्य समारोह के दौरान  शिक्षा, संस्कृति और गौरव का अद्भुत संगम साबित हुआ, जिसमें शिक्षा जगत, प्रशासन, राजनीति, उद्योग तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया।
              कार्यक्रम में राज्य के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विधायक रणबीर सिंह भुल्लर, फौजा सिंह सरारी,  एडीसी डिवैल्पमेंट कृष्ण पाल राजपूत, डीआईजी स्नेहदीप शर्मा, एसएसपी भूपिंदर सिंह, पंजाब एग्रो के चैयरमेन शमन्द्रि ङ्क्षसह खिंडा, प्लानिंग बोर्ड के चैयरमेन हरजिन्द्र सिंह घांगा, नैशनल इंडीपेंडेंट स्कूल अलायंस के चैयरमेन कुलभूषण शर्मा, समूह के चैयरमेन चैयरपर्सन कांता गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसीएम ग्रुप के सीईओ  एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता ने की।
            एनसीसी कैडेट्स ने मुख्य अतिथियों को आकर्षक गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। इसके उपरांत डीसीएम ग्रुप के संस्थापक एवं महान शिक्षाविद् एम.आर. दास की 111वीं जयंती के अवसर पर एम.आर. दास मेमोरियल का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह मेमोरियल एम.आर दास  की दूरदर्शी सोच, शिक्षा के प्रति समर्पण और उनके अमूल्य योगदान को सदैव स्मरणीय बनाए रखेगा।
                   समारोह में डायरेक्टर एडमिन रिटायर्ड ब्रिगेडियर नवदीप माथुर ने सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने माँ दुर्गा पर आधारित मनमोहक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की, जिसने पूरे सभागार को तालियों की गडग़ड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और आकर्षक क्षण वह रहा जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सहायता से वर्ष 1946 से 2026 तक की डीसीएम ग्रूप की 80 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा विशाल स्क्रीन पर प्रदर्शित की गई। इस प्रस्तुति ने विद्यालय की ऐतिहासिक उपलब्धियों, विकास यात्रा और अनगिनत यादों को जीवंत कर दिया। उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने अपने सुनहरे दिनों को याद किया।
          अपने संबोधन में सीईओ डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता ने कहा कि जब देश आजाद भी नहीं हुआ था और निजी विद्यालय की कल्पना करना भी कठिन था, तब वर्ष 1946 में दूरदर्शी शिक्षाविद् एम.आर. दास ने डीसी मॉडल स्कूल की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल की थी।
उन्होंने कहा कि संस्थापक का उद्देश्य केवल पुस्तक आधारित शिक्षा देना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसी व्यावहारिक, मूल्यपरक और जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान करना था, जो उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफल बनाए। उन्होंने कहा कि डीसीएम केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक सशक्त परिवार है, जिसने हर संकट की घड़ी में समाज के साथ खड़े होकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई है।  डॉ. गुप्ता ने कहा कि 1947 के विभाजन, 1988 की भीषण बाढ़, कारगिल युद्ध, कोविड-19 महामारी तथा ऑपरेशन सिंदूर जैसे कठिन समय में डीसीएम परिवार ने हमेशा जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे बढक़र कार्य किया। आज डीसीएम के हजारों विद्यार्थी देश-विदेश में प्रशासन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, रक्षा, उद्योग, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्य करते हुए अपने विद्यालय, जिले और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
            समारोह में अतिथियों द्वारा स्टार एलुमनाई का सम्मान भी किया गया, जिनके परिवारों की लगातार तीन पीढिय़ों  ने इसी संस्थान से शिक्षा प्राप्त की। अतिथियों ने उन्हें स्मृति चिह्न एवं सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया ।
               मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि सीमावर्ती जिले में स्थित होने के बावजूद डीसीएम ग्रूप ने शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज सात किलोमीटर की दूरी पर विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त इतना आधुनिक शिक्षण संस्थान स्थापित करना अत्यंत प्रशंसनीय उपलब्धि है।  उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भी शिक्षा क्षेत्र में निरंतर सुधार और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि डीसीएम ग्रुप विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
               समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने डीसीएम ग्रुप के 80 वर्षों की गौरवगाथा पर आधारित विशेष कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। इस पुस्तक में संस्थान की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा, ऐतिहासिक उपलब्धियां, प्रेरणादायक घटनाएं तथा देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाले स्टार एलुमनाई की सफलताओं का विस्तृत विवरण शामिल किया गया है।
                समारोह के अंत में समूह के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर रिटायर्ड मेजर जनरल वीर भट्ट ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। समापन अवसर पर विरासत-ए-पंजाब  प्रस्तुत ऊर्जावान भांगड़ा और लोक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
               इस अवसर पर  सीनयिर डायरैक्टर अकैडमिक्स डा. रागिनी गुप्ता, सिविल सर्जन डा. मीनाक्षी ढींगरा, प्रिंसिपल याचना चावला, डा. कमल बागी, उद्योगपति रमन गर्ग, राहुल मित्तल, मीनाक्षी सिंघाल, ललित मोहन गोयल, प्रभा भास्कर, डा. शील सेठी, डा. हर्षा भोला, डा. सुष्मा सेठी, डा. निखिल गुप्ता, डिप्टी प्रिंसिपल मनीश बांगा, डा. विकास अरोड़ा,दीपक शर्मा, अवि अवस्थी, चन्द्रमोहन हांंडा, सुनील, ऋषि शर्मा, विपुल नारंग, डा. बन्नी नंदा सहित अन्य उपस्थित थे।

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