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*हमारी दिशा ही हमारी किस्मत तय करती है: साध्वी हरजीत भारती जी*

*हमारी दिशा ही हमारी किस्मत तय करती है: साध्वी हरजीत भारती जी*
**फिरोजपुर:* 2-11-2026: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, फिरोजपुर ने आश्रम में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ हर हफ़्ते सत्संग प्रोग्राम किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लिया और गुरु महाराज जी के पवित्र विचारों से फ़ायदा उठाया। सत्संग के दौरान आध्यात्मिक विचारों, भजन-कीर्तन और प्रभु भक्ति के ज़रिए संगत को जीवन की असली दिशा समझने का संदेश दिया गया। संगत को संबोधित करते हुए श्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या साध्वी हरजीत भारती जी ने कहा कि हमारी दिशा ही हमारी किस्मत तय करती है।
आज इंसान जिस दिशा में अपने कदम बढ़ा रहा है, आने वाले समय में उसे उसी हिसाब से नतीजे मिलेंगे। हम आज जैसे कर्म कर रहे हैं, वैसा ही हमारा भविष्य बनेगा। इसलिए जीवन में सफलता, खुशी और शांति पाने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि हमारी सोच, हमारे विचार और हमारे कर्म सही दिशा में हों।
उन्होंने कहा कि अक्सर इंसान अपनी ज़िंदगी में आने वाली मुश्किलों और परेशानियों के लिए हालात को ज़िम्मेदार ठहराता है, लेकिन वह कभी अपने कर्मों और लाइफस्टाइल को नहीं देखता। आज हम जैसे बीज बोते हैं, भविष्य में हमें वैसी ही फसल मिलती है। अगर हम अपनी ज़िंदगी में नफ़रत, जलन, गुस्सा, लालच और घमंड को जगह देते हैं, तो हमारी ज़िंदगी भी इन बुराइयों से प्रभावित हो जाती है। इसके उलट, अगर हम प्यार, नम्रता, सेवा, सच्चाई और दान के रास्ते पर चलें, तो हमारी ज़िंदगी भी सुंदर और सार्थक हो जाती है।
साध्वी जी ने आगे बताया कि इंसान की सबसे बड़ी गलती यह है कि वह अपना भविष्य तो बदलना चाहता है, लेकिन अपना वर्तमान बदलने को तैयार नहीं होता। वह चाहता है कि आने वाला समय अच्छा हो, लेकिन इसके लिए वह अपने आज के कर्मों को सुधारने पर ध्यान नहीं देता। असल में, भविष्य कुछ अलग नहीं, बल्कि हमारे आज के कर्मों का ही प्रतिबिंब है। इसलिए हर इंसान को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और सोचना चाहिए कि वह अपनी कीमती ज़िंदगी और समय किस दिशा में लगा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनियावी ज़िंदगी में सही रास्ता चुनने के लिए पूरे सतगुरु का मार्गदर्शन बहुत ज़रूरी है। जब इंसान ज़िंदगी का असली मकसद समझ जाता है, तो उसकी सोच और काम भी बदलने लगते हैं। पूरे सतगुरु का दिया हुआ दिव्य ज्ञान इंसान को अपने अंदर बसे भगवान के प्रकाश का अनुभव कराता है और उसकी ज़िंदगी को सही रूहानी दिशा देता है। इसलिए इंसान को अपनी ज़िंदगी को सिर्फ़ बाहरी तौर पर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी तौर पर भी बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
इस मौके पर साध्वी देविंदर भारती जी ने भक्तिभाव से सुंदर भजन-कीर्तन गाए। भजनों के ज़रिए उन्होंने भगवान की महिमा और गुरु के महत्व के बारे में बताया। भजन-कीर्तन से आश्रम का पूरा माहौल भक्तिमय हो गया और संगत भगवान की भक्ति के रंग में रंग गई।
सत्संग प्रोग्राम ने संगत को प्रेरणा दी कि इंसान को अपने अभी के कामों का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि आज का हर अच्छा काम एक बेहतर कल की नींव रखता है।




