Ferozepur News

डीसी मॉडल स्कूल के मंच पर साकार हुआ चारों युगों का सफर, विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका से दिखाई संस्कृति और आधुनिकता की झलक

डीसी मॉडल स्कूल के मंच पर साकार हुआ चारों युगों का सफर, विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका से दिखाई संस्कृति और आधुनिकता की झलक

डीसी मॉडल स्कूल के मंच पर साकार हुआ चारों युगों का सफर, विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका से दिखाई संस्कृति और आधुनिकता की झलक

‘एग्जूबरेंस-2026 : युगांतर’ में सतयुग से कलियुग तक की गाथा का भव्य मंचन
फिरोजपुर, 19 अक्तुबर 2026: सतयुग की धार्मिक गाथाओं से लेकर कलियुग की आधुनिक चुनौतियों तक, जब विद्यार्थियों ने नृत्य और अभिनय के माध्यम से चारों युगों की कहानी मंच पर जीवंत की तो पूरा पंडाल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। अवसर था डीसी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित वार्षिक पारितोषिक समारोह ‘एग्जूबरेंस-2026’ के तहत ‘युगांतर’ थीम का, जिसमें कक्षा छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
                    समारोह में विधायक रणबीर सिंह भुल्लर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। एडीसी डेवलपमेंट कृष्णपाल राजपूत, एडीआरएम रेलवे नितिन गर्ग, चांसलर डा. सुरेश कुमार शर्मा और एसई जल संसाधन राजन ढींगरा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसीएम ग्रुप के सीईओ डा. अनिरुद्ध गुप्ता ने की।
                               स्कूल की प्रिंसिपल याचना चावला ने अतिथियों का स्वागत किया और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए स्कूल की उपलब्धियों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि डीसी मॉडल स्कूल अपनी गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा के 80वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ खेल, कला, विज्ञान और अन्य गतिविधियों में आगे बढऩे के अवसर प्रदान करना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
                         दीप प्रज्ज्वलन और मां दुर्गा की स्तुति में प्रस्तुत नृत्य के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न युगों की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विशेषताओं को दर्शाया। सतयुग की प्रस्तुति में समुद्र मंथन, मत्स्य अवतार, वराह अवतार, नरसिंह अवतार, राजा हरिश्चंद्र और अहिल्या के प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
                  त्रेतायुग में वामन अवतार, परशुराम अवतार, रामायण के प्रसंगों तथा रावण-लक्ष्मण संवाद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। द्वापर युग की प्रस्तुतियों में श्रीकृष्ण जन्म, रासलीला, महाभारत और अर्जुन-श्रीकृष्ण संवाद के माध्यम से धर्म, कर्तव्य और जीवन मूल्यों का संदेश दिया गया।
                 वहीं, कलियुग की प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, मनोरंजन में खोती युवा पीढ़ी, भूख की समस्या, महिला सशक्तीकरण और न्याय व्यवस्था जैसे समकालीन विषयों को मंच पर उठाया। कल्कि अवतार के प्रसंग के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत और समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों की भावपूर्ण अदाकारी, नृत्य और आकर्षक मंच सज्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने पारंपरिक पंजाबी भांगड़ा प्रस्तुत कर पंजाब की समृद्ध विरासत की झलक दिखाई और सभी का मन जीत लिया। कोऑर्डिनेटर नीरू अरोड़ा ने अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डा. के.सी अरोड़ा, मनोज आर्य, राजेश वर्मा, डिप्टी प्रिंसिपल मनीश बांगा, हैड मिस्ट्रेस ऋतिका सोनी, सीनियर जीएम कर्नल पियूष बेरी, डीजीएम अनु शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button