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2020-2021 शैक्षणिक वर्ष में डीसीएम एजुकेशनल लर्निंग एंड ट्रेनिंग एड के तहत विद्यार्थियों को मुहैया करवाई जाएगी शिक्षा

एकैडमिक्स, एक्टिविटी व गेम्स का है सर्वोच्च मिश्रण: गुुरदीप सिंह

शिक्षा के परिदृश्य को नई दिशा देगा डेल्टा पाठयक्रम
-2020-2021 शैक्षणिक वर्ष में डीसीएम एजुकेशनल लर्निंग एंड ट्रेनिंग एड के तहत विद्यार्थियों को मुहैया करवाई जाएगी शिक्षा-
-एकैडमिक्स, एक्टिविटी व गेम्स का है सर्वोच्च मिश्रण: गुुरदीप सिंह-


फिरोजपुर, 3 मार्च, 2020
विद्यार्थियों के  शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास के उद्देश्य से डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा डीसीएम एजुकेशनल लर्निंग एंड ट्रेनिंग एड -डेल्टा करिकल्म- योजना बनाई गई है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को जहां उनकी आयु वर्ग के मुताबिक विषयों से संबंधित जानकारी मुहैया करवाई जाएगी तो वहीं खेल व विभिन्न एक्टिविटी के माध्यम से भी उनके ज्ञान को बढ़ाने हेतू कार्य योजना अमल में लाई जाएगी। इससे छात्रो को बहुत कुछ सीखने के अलावा उनकी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा।
डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के डिप्टी सीईओ एकैडमिक्स गुरदीप सिंह ने कहा कि यह एक इंटीग्रेटिड प्लॉन है और इसमें एकैडमिक्स, एक्टिविटी व गेम्स का सर्वोच्च मिश्रण है। नर्सरी से कक्षा दसवीं तक  के विद्यार्थियों के लिए यह योजना लाई गई है, जिसे शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 से आरम्भ किया जाएगा और इसके लिए स्कूल के पूरे स्टॉफ को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इसके तहत बच्चों को क्यूरो करिकल्म, रोबोटिक्स , आर्टीफिशियल इंटैलीजेंस, योगा, मैडिटेशन, प्रोटोन फॉर किड्स, शैक्षणिक यात्रा, फोनिक्स, स्पोर्टस, पैरेंटिंग वर्कशॉप, सामान्य ज्ञान में वृद्धि करने सहित अन्य प्रोग्राम चलाएं जा रहे है। इस योजना के तहत जो विद्यार्थी किसी भी विषय में कम दिलचस्पी रखते है तो उन्हें अध्यापकों द्वारा उस विषय में दिलचस्पी बढ़ाने हेतू विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डैल्टा करिकल्म दृष्टिकोण में समग्र व विद्यार्थियों के प्रभावी रूप से सीखने के लिए सक्रिय माहौल पैदा करेगा।
उन्होंंने कहा कि यह ना केवल विषयों के ज्ञान तक सीमित है, बल्कि इस शैक्षिक योजना में राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद सहित सीबीएसई द्वारा जारी सिद्धांतो व दिशा निर्देशो को अपनाकर अनुभवात्मक अधिगम पर जोर दिया गया है। डीसीएम ग्रुप इस योजना के माध्यम से शिक्षा की आधुनिक प्रणाली लाने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदीं के कौशल, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी और कई खुफिया आधारित पाठ नियोजन को अपनाकर शिक्षा के अंर्तराष्ट्रीय मानको को पूरा करेग
डिप्टी हैड एकैडमिक्स योगिता पुरी ने कहा कि डीसीएम ग्रुप ने स्मार्ट क्लॉसरूम के साथ अंग्रेजी व फ्रैंच भाषा की लैंगवेज लैब, फोनिक्स, फन-टूट, कम्पयूटर्स, स्टेम लर्निंग, अटल टिंकरिंग लैब जैसे शैक्षणिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आरम्भ करके पहले ही शिक्षण के साथ प्रोद्योगिक को एकीकृत कर दिया है। वर्तमान में डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स देश भर के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में अपनी जगह बना चुका है।
उन्होंने कहा कि यहां के विद्यार्थी जहां अटल टिंकरिंग लैब में आएं दिन नएं-नएं अविष्कार कर रहे है तो वहीं उनके द्वारा विश्व रोबोटिक्स चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर सीमावर्ती जिले का नाम रोशन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विज्ञान मंथन में यहां के विद्यार्थी रह साल स्टेट टॉपर बन रहे है तो जेईई मैन्स जैसी प्रतियोगात्मक परीक्षाओं में यहां के विद्यार्थी बिना किसी बाहरी कोचिंग के क्लीयर कर रहे है। उन्होंने कहा कि पिछलें साल एपिक आईक्यू चैलेंस प्रतियोगिता में डीसीएम के विद्यार्थियों ने देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों को पछाड़ते हुए इतिहास रचा था और वे विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में अव्वल रहे थे।

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